रिलायंस समूह के प्रमुख अनिल अंबानी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एनडीटीवी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि अडानी समूह (एनडीटीवी का बहुसंख्यक शेयरधारक) उनकी कंपनियों पर कब्जा करने में रुचि रखता है और इस उद्देश्य से एनडीटीवी ने पिछले कुछ महीनों में उनके खिलाफ 72 लक्षित (पॉइंटेड) खबरें प्रकाशित की हैं।

बुधवार को न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान अंबानी की ओर से पेश वकील ने कहा कि सीबीआई और ईडी की ओर से रिलायंस समूह की कंपनियों के खिलाफ दर्ज मामलों की रिपोर्टिंग में एनडीटीवी बार-बार अनिल अंबानी का नाम जोड़कर गलत छवि प्रस्तुत कर रहा है। कई मामलों में गिरफ्तारियां अन्य लोगों की हुई हैं। 

वकील ने उदाहरण देते हुए कहा कि एक खबर में 1,400 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने का मामला रिलायंस के खिलाफ था लेकिन हेडलाइन में अंबानी का नाम डाला गया। एक अन्य रिपोर्ट में अंबानी को देश छोड़ने से रोके जाने का दावा किया गया जबकि उन्होंने केवल अदालत में एक अंडरटेकिंग दी थी। 

अंबानी ने अदालत से अंतरिम रोक (इंटरिम इंजंक्शन) की मांग की है, ताकि एनडीटीवी और संबंधित मीडिया हाउस आगे ऐसी खबरें न प्रकाशित करें। उन्होंने 2 करोड़ से अधिक का मुआवजा भी मांगा है, जिसे वे चैरिटी में दान करने की बात कही है।

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